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रीठा की खेती: किसानों को बना सकती है लखपति, एक बार शुरू कीजिए और बरसेगा पैसा ही पैसा

कृषि क्षेत्र में अगर सही जानकारी और मेहनत से काम किया जाए, तो किसान न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल सकते हैं, बल्कि अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं। आजकल, एक खास पौधा जो किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, वह है रीठा। रीठा, जिसे “सैपोनिन” से भरपूर एक औषधीय पौधा माना जाता है, किसानों के लिए अच्छा आय का स्रोत साबित हो सकता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि रीठा की खेती कैसे किसानों के लिए सोने की चिड़ीया साबित हो सकती है और कैसे इसे सही तरीके से उगाकर आप भी लाखों की कमाई कर सकते हैं।

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रीठा के फायदे

  1. औषधीय गुण: रीठा के फलों में सैपोनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो त्वचा रोगों, बालों की समस्याओं, और पेट की बीमारियों के इलाज में मदद करता है। इसके अलावा, रीठा का इस्तेमाल प्राकृतिक शैम्पू और साबुन बनाने में भी किया जाता है। इसकी मांग इस समय वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है, खासकर प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों के लिए।
  2. आय का अच्छा स्रोत: रीठा की खेती से किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसकी बिक्री घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी होती है, जहां इसके औषधीय और सौंदर्य उत्पादों के लिए काफी मांग है।
  3. खेतों के लिए उपयुक्त: रीठा का पौधा बहुत कम देखभाल में अच्छे से उगता है। यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में आसानी से उग सकता है और विशेष जलवायु की मांग नहीं करता। इसलिए, किसान इसे आसानी से अपनी जमीन पर उगा सकते हैं।

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रीठा की खेती कैसे करें?

  1. मिट्टी और जलवायु: रीठा की खेती के लिए हल्की बलुई या दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। इसके लिए उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण जलवायु सही मानी जाती है। यह पौधा अत्यधिक ठंड और पानी में डूबने से बचता है, इसलिए जल निकासी की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए।
  2. बीज और पौधों की चयन: रीठा के बीज या पौधे सीधे बुवाई के लिए खरीदे जा सकते हैं। इन्हें आप नर्सरी से भी ले सकते हैं। बीजों को बुवाई से पहले अच्छी तरह से तैयार करना आवश्यक है। बीजों को 2-3 इंच गहरा बोएं और बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करें।
  3. सिंचाई और देखभाल: रीठा के पौधों को नियमित रूप से पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन अधिक पानी से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं। इसलिए सिंचाई संतुलित तरीके से करें। पौधों को बढ़ते समय खाद और उर्वरक देने से उत्पादन बढ़ता है।
  4. कटाई और उत्पादन: रीठा का पौधा 3 से 4 साल में फल देना शुरू करता है। फलों की कटाई तब की जाती है, जब वे पूरी तरह से पक जाएं और अपना रंग बदलने लगे। एक पेड़ से सालाना 20 से 30 किलो तक फसल प्राप्त की जा सकती है, जो किसानों के लिए अच्छा मुनाफा देती है।

रीठा की खेती से कमाई

रीठा की खेती में शुरुआत में थोड़ी मेहनत और ध्यान देने की जरूरत होती है, लेकिन इसके बाद यह लगातार लाभ देने वाली फसल साबित होती है। एक हेक्टेयर में लगभग 200 से 300 पौधे लगाए जा सकते हैं, और हर पौधे से 20 से 30 किलो तक रीठा प्राप्त किया जा सकता है। अगर एक किलो रीठा का मूल्य 100 से 150 रुपये होता है, तो एक हेक्टेयर में करीब 20,000 से 30,000 रुपये तक की कमाई हो सकती है।इसके अलावा, रीठा के पौधों की लकड़ी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो एक अतिरिक्त आय का स्रोत हो सकता है। साथ ही, इसके औषधीय गुणों के कारण इसके आयात-निर्यात से भी किसानों को अच्छा लाभ हो सकता है।

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